दो साल बाद पता चला हैरान कर देने वाला सच, जिसे पत्थर समझा; वह निकला डायनासोर का अंडा

वीरेंद्र वासिंदे/बड़वानी: मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में पहाड़ी क्षेत्र में पौधे लगाने के लिए जगह खोदी तो उसमें से हैरान करने वाली चीज निकली. जब उस चीज को जांच के लिए भेजा तो सामने आया कि ये तो डायनासोर के अंडे का जीवाश्म है जो 5 से 6 करोड़ साल पुराना है.

डायनासोर के अंडे की हुई पुष्टि
बड़वानी जिले के सेंधवा वन मंडल अंतर्गत वरला रेंज में डायनासोर के अंडे मिलने की पुष्टि हुई है. दरअसल, एक पहाड़ी क्षेत्र में पौधारोपण के दौरान और अतिक्रमण कार्य को रोकने के लिए जमीन खोदी दी गई थी और उसमें से मटेरियल निकाल कर वही रख दिया गया था.

दो साल पहले मिला था अंडा
ये कहानी 2 साल पहले की है. उस दौरान वनरक्षक बद्रीलाल तरौले की पोस्टिंग क्षेत्र में हुई थी. उनका दावा है कि उनके द्वारा जब ये मटेरियल देखा गया तो देखते ही अहसास हो गया था कि ये डायनासोर के जीवाश्म हो सकते हैं.

जांच के लिए भेजा तो दो साल बाद चला पता
उन्होंने कहा कि मैंने पहले भी दूसरे स्थानों पर डायनासोर के जीवाश्म देखे थे. पूरी तरह आश्वस्त होने के बाद मेरे द्वारा अधिकारियों को सूचना दी गई और अधिकारियों ने इसे जांच के लिए भेजा. अब पुष्टि हुई है कि यह डायनासोर के अंडे ही हैं.

करोड़ों साल पुराना है ये अंडा
इंदौर जोन के पुरातत्वविद डॉ. डीपी पांडे के अनुसार 1 वर्ष पहले सेंधवा वन विभाग के डीएफओ ने जांच के लिए सैंपल भेजा था जो वाकई में डायनासोर का अंडा ही है. ये करोड़ों वर्ष पुराना है.

वन विभाग के एसडीओ ने बताया के डायनासोर के जीवाश्म अंडे होने की पुष्टि हो चुकी है और ये लगभग 5 से 6 करोड़ वर्ष पूर्व के बताए जा रहे हैं. उनका दावा है कि पुरातत्व विभाग की टीम ने बताया है कि यहां पर और भी अंडे होने की संभावना है. इसलिए हमने संबंधित स्टाफ को निर्देश दिया है कि उक्त क्षेत्र को संरक्षित करें.

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