यूपी वालों के घरों में बनने वाले इन 9 पकवानों के स्वाद के आगे रेस्टोरेंट का खाना भी फ़ेल है

Uttar Pradesh Food: यूपी को हमने दो चीज़ों में बांट दिया है पान मसाले की पीक और गालियों की बौछार, जबकि ऐसा नहीं है. जब यूपी में घुसोगे तो पता चलेगा कि यहां पर इन दो चीज़ों के अलावा भी बहुत कुछ है. यहां पर अजनबी लड़ाई का तमाशा नहीं देखते, बल्कि बीच-बचाव करने आ जाते हैं. यहां पर काम किसी के घर में भी हो मदद करने पड़ोसी अपने आप आ जाते हैं. अरे परेशान नहीं होना हमारे यहां से खटिया, चादर ले जाना. कोई कमी हो तो बता देना. इसके अलावा, अगर यहां पर कोई मेहमान आया है तो उसे लड्डू और पानी सबसे पहले पूछते हैं. खाना तो खाए (Uttar Pradesh Food) बग़ैर हम जाने नहीं देते हैं. यहां पर अचार हर घर में मिलेगा और खाना तो ऐसा मिलेगा जो कहीं नहीं मिलता.

खाने के साथ नींबू प्याज़ में नमक मिर्ची मिलाकर उसका खट्टा-खट्टा स्वाद खाने के स्वाद को दोगुना कर देता है. हरी मिर्ची तो अलग से देना ही देना है चाहे खाना (Uttar Pradesh Food) कड़वा हो या नहीं. अब जिस खाने के बारे में इतनी बातें हो रही हैं तो उसके बारे में फटाफट जान भी लो आख़िर कौन-कौन सी हैं वो खाने की चीज़ें (Uttar Pradesh Food).

  1. मटर का निमोना
    सर्दियों में यूपी में शायद ही कोई ऐसा घर होगा जहां मटर का निमोना (Uttar Pradesh Food) न बने. इसके बिना तो सर्दियां अधूरी हैं. मटर का निमोना बनाने के लिए सबसे पहले मटर को छीलें फिर उसे पीस लें. फिर उस पिसी हुई मटर को तेल या रिफ़ाइंड में जीरा डालकर थोड़ा भून लें. जब मटर भुन जाए तो उसे अलग बर्तन में रख लें और फिर उसी कढ़ाई में पूरा रोज़ वाला मसाला डालकर मसाले को अच्छे से भून लें. जब मसाला भुन जाए तो उसमें बुनी हुई मटर डाल कर अच्छे से मिलाएं और ज़रूरत के हिसाब से पानी जालकर थोड़ी देर चढ़ा रहने दें. अगर मीट मसाले का इस्तेमाल करती हैं तो स्वाद के लिए वो भी डाल सकती हैं. थोड़ी देर पकने के बाद गर्म गर्म निमोने को चावल या रेटी के साथ ख़ाएं.
  2. दाल के दुल्हा या दाल टिक्की – दाल के दुल्हा या दाल टिक्की खाने में बहुत टेस्टी होती है और इसे बनाने में ज़्यादा बवाल भी नहीं करना पड़ता है. सबसे पहले जैसे अरहर की दाल बनाते हैं वैसे दाल को चढ़ाएं फिर आटे को गूंथ लें. उस आटे की बड़ी-बड़ी रोटी नहीं, बल्कि छोटी-छोटी सी टिकिया बनाकर दाल में डाल दें. इसके बाद कुकर को बंद करके दो से तीन सीटी आने दें. जैसे ही सीटियां पूरी हों जाएं गैस बंद कर दें फिर प्रेशर निकलने के बाद कुकर खोलें और उसमें घी, हींग, लहसुन, प्याज़ और हरी मिर्च का तड़का लगाने के बाद खाएं. रेसिपी पढ़कर ही मुंह में पानी आ रहा होगा.
  3. बखीर या गुड़ की खीर -आपने चावल की खीर बनाते समय उसमें चीनी डालती होंगी, लेकिन यूपी में इसमें चीनी की जगह गुड़ या गन्ने का रस डालकर बनाते हैं. इसका स्वाद चीनी से बहुत अलग सोंधा-सोंधा होता है. इसे गर्म गर्म खाने में और ज़्यादा टेस्टी लगती है.

4 दाल के फरा
दाल के फरा वैसे तो करवाचौथ पर ज़रूर बनते हैं, लेकिन आप चाहें तो कभी भी बना सकते हैं. इसे बनाने के लिए सबसे पहले चने की दाल एक रात पहले भिगो दें. फिर इसे सुबह पीस लें. पिसने के बाद दाल में नमक, मिर्च, मसाले, पिसा लहसुन हिंग डालकर मिला लें. इस पूरे मिश्रण के तैयार होने के बाद आटा सान लें. आटे की लोई को पूड़ी की तरह बेलकर उसमें दाल भरें. फिर उसे गुझिया की शेप में भरकर बना लें. ऐसे ही जितने भी बनाने हों बनाने के बाद कड़ाई में पानी डालकर भांप पर रखकर पकने के लिए छोड़ दें. जब ये पक जाए तो इसे आप प्याज़ और मिर्ची से अलग से फ़्राई कर सकते हैं और इसके बाद चाय के साथ या चटनी के साथ इसका लुत्फ़ लें.

  1. अरबी के पत्ते की पकौड़ी या रिकौंच
    अरबी के पत्ते बड़े शहरों में बेरहमी से फेंक दिए जाते हैं, लेकिन यूपी में इन्हें प्यार से बेसन में लपेटकर बनाया जाता है और ये एक बेहतरीन ईवनिंग स्नैक्स और ब्रेकफ़ास्ट होता है. इसे बनाने के लिए पहले अरबी के पत्तों से डंडियां निकालकर उसे धो लें. फिर इसे पानी सूखने तक रख दें, तब तक बेसन में नमक, मिर्च, मसाला, हींग, पिसी हुई अदरक और लहसुन मिलाकर लेप तैयार कर लें. जब पत्ते सूख जाएं तो इसी लेप में पत्तों को लपेटकर तेल में भून लें. जब कुरकुरे पकौड़े तैयार हो जाएं तो इसे चाय या चटनी से खाएं.
  1. लौकी की बर्फ़ी
    लौकी की सब्ज़ी शायद ही कोई मन से खाता होगा, लेकिन इसकी बर्फ़ी तो उंगलियां चाट-चाट कर खाओगे. सबसे पहले लौकी को काटकर उसमें से सारा बीज निकाल दें और उसे कद्दूकस में घिस लें. घिसने के बाद लौकी को कपड़े मे बांधकर सारा पानी निकाल दें. फिर कढ़ाई में घी डालकर घी गरम होने पर पिसी हुई लौकी को तब तक भूनें जब तक वो हल्की गुलाबी न हो जाएं. इसके बाद लौकी में दूध डालें और उसे दूध सूखने तक ढककर पकाएं. फिर इसमें चीनी, इलायची पाउडर, ड्राईफ़्रूट्स और नारियल का बुरा डालकर अच्छे से मिला लें. जब ये मिश्रण तैयार हो जाए तो एक ट्रे में घी को अच्छी तरह से फैलाकर उसमें तैयार किया हुआ मिश्रण अच्छे से फैलाकर रख दें, जब वो सूख जाए तो बर्फ़ी की शेप में काट लें और खा लें.
  1. लौकी के छिलके की सब्ज़ी
    लौकी ही नहीं ुसके चिलके भी बहुत टेस्टी सब्ज़ी बनाने के काम आते हैं. लौकी काटने के बाद बचे हुए छिलकों को धो लें और चोटे-चोटे से काट लें. काटने के बाद कढ़ाई में तेल डालकर उसमें थोड़ा सा जीरा डालें. जब डीजा बुन जाए तो सारे मसाले, मिर्च और नमक डाल कर कटे हुए छिलके डाल दें. इस छिलकों को ख़ूब देर तक भूनें जब वो कुरकुरे हो जाएं तो उन्हें उतार लें और दाल-रोटी चावल के साथ खाएं. काने का स्वाद दोगुना हो जाएगा.
  1. कीमा पुलाव
    बिरयानी तो दिल्ली हो या मुंबई हर जगह खाई होगी, लेकिन कीमा पुलाव उत्तरप्रदेश में ही मिलेगा, जिसे एक अवधी शासक के लिए उसके खानसामे ने बनाया था. दरअसल, इसके पीछे बड़ी दिलचस्प कहानी है कि जो सासक था उसे मीट के पीस खाने में समस्या होती थी, तो उसके खानसामे ने मीट को कूटकर कीमा बनाया और फिर उसे चावल में मिलाकर उसका कीमा पुलाव बनाया. इसे बनाने में मसाले बिरयानी से ज़्यादा डाले जाते हैं और इसमें दही, देसी घी और मलाई भी अच्छी मात्रा में पड़ता है.
  1. धनिया के आलू
    धनिया के आलू कानपुर (Uttar Pradesh Food) में हर चाट के ठेले पर मिल जाएंगे. चटपटे धनिया के आलू मुंह का ज़ायका बना देते हैं. इसके बनाने के लिए सबसे पहले धनिया के मोटो वाले हिस्से को हटाकर अच्छे से धो लें, फिर धनिया और हरी मिर्च को काटकर मिक्सी में पीस लें. खट्टा करने के लिए खट्टी पालक का भी इस्तेमाल कर सकते हैं और अगर खट्टी पालक न मिलें तो नींबू को स्वादानुसार पीसी धनिया में निचोड़ लें और नमक भी मिला दें. तब तक आलू को उबाल लें. जब आलू उबल जाएं तो उसे छोटे-छोटे टुकड़ों में छीलकर काट लें. फिर जो धनिया का मिश्रण बनाया है उसमें वो आलू डालकर अच्छे से मिलाएं और चटपटे धनिया आलू का लुत्फ़ उठाएं.

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